पहले वज़ीराबाद के पुल पर 4-5 घंटे तक का जाम लगता था, ऐसा लगने लगा था कि ज़िंदगी बर्बाद हो गई है, लेकिन जब से सिग्नेचर ब्रिज बना है, यक़ीन मानिए, अब 10 मिनट में यमुना पार कर लेते हैं.''
कुछ इस अंदाज़ में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बुराड़ी में रहने वाले अमित ने अपनी खुशी का इज़हार किया जब पूर्वी दिल्ली को वज़ीराबाद से जोड़ने वाला यह सिग्नेचर ब्रिज मिला.
यमुना नदी पर बना यह ब्रिज पांच नवंबर से आम लोगों के लिए खोला गया और तब से पूर्वी दिल्ली मानो राहत की सांस ले रही है. लेकिन क्या दिल्लीवालों को मिली ये राहत यमुना नदी का दम घोंटकर दी गई है?
यमुना नदी पर इस ब्रिज के निर्माण से नदी के विलुप्त होने का ख़तरा और बढ़ तो नहीं गया है?
इस सवाल का जवाब पता करने के लिए सिग्नेचर ब्रिज को नापा जाए यानी कि इसके निर्माणकार्य का रियलिटी चेक किया जाए.
एक बात यहां बताना ज़रूरी है कि पहले उत्तरी दिल्ली को उत्तर पूर्वी दिल्ली से जोड़ने वाला एक पतला-सा पुल हुआ करता था- वज़ीराबाद ब्रिज, जिसके कारण कई घंटों तक जाम लगा रहता था और जो वायु प्रदूषण का कारण भी बन गया था.
ऐसे में सिग्नेचर ब्रिज के बनने से केवल यातायात का समाधान नहीं निकला है बल्कि दिल्ली की हवा भी कम ज़हरीली हो सके इसका भी इंतेज़ाम करने की कोशिश की गई है.
लेकिन सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण के दौरान प्रदूषण से मरती यमुना की सुध भी लेने की ज़हमत उठाई गई?
सिग्नेचर ब्रिज पर कपड़े उतारने वाले कौन हैं?
कितनी ज़हरीली है यमुना?
चलिए सबसे पहले ये पता करते हैं कि यमुना में जल प्रदूषण का स्तर कितना है. इसके लिए सी.पी.सी.बी की 2016 की रिपोर्ट पर नज़र डालें तो वज़ीराबाद के पास यमुना के प्रवाह में डी.ओ यानी कि डिज़ॉल्वड ऑक्सीजन जो जलजीवन के लिए ज़रूरी है वह 10.8 है जो पर्यावरण मापदंडों के हिसाब से अच्छी मात्रा मानी जाती है. वहीं ओखला के पास बह रही यमुना सांस लेने को तरस रही है और वहां डी.ओ 1.1 है.
बी.ओ.डी यानी कि बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड. इसकी मात्रा ज़्यादा हो तो जल प्रदूषण ज़्यादा होने के संकेत होते हैं. वज़ीराबाद के पास बी.ओ.डी 9 है जो ख़राब नहीं मानी जाती, वहीं ओखला के पास 2015 में 97 था जबकि 2016 में 67 हुआ.
Sunday, November 25, 2018
Wednesday, November 7, 2018
पुलिस लाइन में उत्पात मचाने वाले और 70 पुलिसकर्मी होंगे बर्खास्त
पटना पुलिस लाइन में बीते हफ्ते जमकर उपद्रव और उत्पात मचाने के आरोप में पुलिस मुख्यालय ने 175 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया. मगर मामला यहीं नहीं थमा है. पुलिस मुख्यालय ने 70 और पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया है जिन्हें जल्द बर्खास्त करने की तैयारी की जा रही है.
पुलिस मुख्यालय पुलिस लाइन के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को लगातार खंगाल रहा है और उसी के आधार पर 175 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों की पहचान करके उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. इसी क्रम में सीसीटीवी में और 70 पुलिसकर्मी भी कैद हुए हैं, जो उपद्रव फैलाने के दौरान आना अधिकारियों के साथ हाथापाई करते भी नजर आ रहे हैं.
पटना एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि जिन 175 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है उनके खिलाफ बुद्धा कॉलोनी थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है और उन सभी की गिरफ्तारी के लिए जल्द वारंट भी लिया जाएगा. इस बाबत जांच टीम दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है.
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते पुलिस लाइन में ड्यूटी के दौरान सविता पाठक नाम की प्रशिक्षण महिला पुलिसकर्मी की तबीयत खराब हुई है और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. मृत महिला पुलिसकर्मी के साथियों ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से वह अपना इलाज कराने के लिए छुट्टी की दरखास्त अपने आला अधिकारियों से कर रही थी मगर उसे नामंजूर कर दिया गया था.
सविता पाठक की मौत से आक्रोशित होकर पुलिस लाइन के अंदर प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने जिनमें से ज्यादातर महिलाएं थी उन्होंने जमकर तोड़फोड़ की और कई आला अधिकारियों पर जानलेवा हमला भी किया.
इस घटना को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने काफी संजीदगी से लेते हुए डीजीपी से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की थी. दोषी प्रशिक्षण पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही करते हुए पुलिस मुख्यालय ने पहले 175 को नौकरी से बर्खास्त किया और अब 70 और को करने की तैयारी चल रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह देहरादून पहुंचे. इसके बाद वो उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा के नजदीक स्थित हर्षिल पहुंचे. यहां 11 हजार फुट की ऊंचाई पर मौजूद सेना के बेस पर सेना प्रमुख और आईटीबीपी के डीजी से मुलाकात करने के बाद उन्होंने जवानों के साथ दिवाली मनाई.महार रेजिमेंट के जवानों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीवाली के मौके पर पहले उनको मिठाई खिलाई और उसके बाद उनके साथ फोटो खिंचाई.
देहरादून निकलने से पहले उन्होंने ट्वीट कर लोगों को दिवाली की बधाई दी. पीएम ने ट्वीट में लिखा, 'दिवाली लोगों की जिंदगी में खुशहाली और समृद्धि लाए.'
पुलिस मुख्यालय पुलिस लाइन के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को लगातार खंगाल रहा है और उसी के आधार पर 175 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों की पहचान करके उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. इसी क्रम में सीसीटीवी में और 70 पुलिसकर्मी भी कैद हुए हैं, जो उपद्रव फैलाने के दौरान आना अधिकारियों के साथ हाथापाई करते भी नजर आ रहे हैं.
पटना एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि जिन 175 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है उनके खिलाफ बुद्धा कॉलोनी थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है और उन सभी की गिरफ्तारी के लिए जल्द वारंट भी लिया जाएगा. इस बाबत जांच टीम दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है.
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते पुलिस लाइन में ड्यूटी के दौरान सविता पाठक नाम की प्रशिक्षण महिला पुलिसकर्मी की तबीयत खराब हुई है और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. मृत महिला पुलिसकर्मी के साथियों ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से वह अपना इलाज कराने के लिए छुट्टी की दरखास्त अपने आला अधिकारियों से कर रही थी मगर उसे नामंजूर कर दिया गया था.
सविता पाठक की मौत से आक्रोशित होकर पुलिस लाइन के अंदर प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने जिनमें से ज्यादातर महिलाएं थी उन्होंने जमकर तोड़फोड़ की और कई आला अधिकारियों पर जानलेवा हमला भी किया.
इस घटना को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने काफी संजीदगी से लेते हुए डीजीपी से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की थी. दोषी प्रशिक्षण पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही करते हुए पुलिस मुख्यालय ने पहले 175 को नौकरी से बर्खास्त किया और अब 70 और को करने की तैयारी चल रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह देहरादून पहुंचे. इसके बाद वो उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा के नजदीक स्थित हर्षिल पहुंचे. यहां 11 हजार फुट की ऊंचाई पर मौजूद सेना के बेस पर सेना प्रमुख और आईटीबीपी के डीजी से मुलाकात करने के बाद उन्होंने जवानों के साथ दिवाली मनाई.महार रेजिमेंट के जवानों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीवाली के मौके पर पहले उनको मिठाई खिलाई और उसके बाद उनके साथ फोटो खिंचाई.
देहरादून निकलने से पहले उन्होंने ट्वीट कर लोगों को दिवाली की बधाई दी. पीएम ने ट्वीट में लिखा, 'दिवाली लोगों की जिंदगी में खुशहाली और समृद्धि लाए.'
Monday, November 5, 2018
चेसिस बदलकर ऑटोलिफ्टर गैंग बेचता था लग्जरी गाड़ियां, गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 4 ऐसे ऑटोलिफ्टर को गिरफ्तार किया है जिनका शौक छोटी गाड़ियां नहीं, बल्कि लग्जरी गाड़ियां चुराने का शौक था.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इनके पास से 51 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं. ऑटो लिफ्टर लग्जरी गाड़ियों पर हाथ साफ करते और उसके बाद उन गाड़ियों में अपनी महबूबा को घुमाया करते. दरहसल ये ऑटोलिफ्टर गैंग बेहद प्रोफेशनल है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक, इस गैंग के हर सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी. एक शख्स गाड़ी चुराता था, दूसरा उसका चेसिस नंबर बदलता था और तीसरा उस गाड़ी का ग्राहक ढूंढकर गाड़ी को ठिकाने लगाता था.
दिल्ली के शाहदरा इलाके में एक एनकाउंटर के दौरान दिल्ली पुलिस ने कालिया नाम का बदमाश पकड़ा और उससे पूछताछ में पता चला कि नवीन और तीरथ दो शख्स हैं, जो गाड़िया चुराते हैं और उसका चेसिस नंबर बदलकर आगे अपने ग्राहक को बेच देते हैं. इसके बाद पुलिस ने तीरथ और नवीन को सर्विलांस की बिना पर गिरफ्तार किया लेकिन जब उनसे पूछताछ की गई तो पता चला कि ये गैंग और भी बड़ा है.
तीरथ और नवीन ने खुलासा किया कि संभल का रहने वाला सारिक इस गैंग का मास्टरमाइंड है जो बड़ी तादाद में चोरी की गाड़ियां बेचता खरीदता है. इसके बाद पुलिस ने संभल और दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी की और आखिरकार सारिक दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से पुलिस के हत्थे चढ़ गया.
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सारिक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने कई खुलासे किए. उसने यह बताया कि तीन और साथी गाड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं जिसके बाद पुलिस ने एक-एक कर उन तीनों को गिरफ्तार कर लिया. दरअसल यह गैंग पहले गाड़ियों को अपने तरीके से चुराया करता था और उसके बाद उसी मॉडल की एक स्क्रैप गाड़ी कागजात के साथ इंश्योरेंस कंपनियों से खरीद लेता. उसके बाद उस स्क्रैप गाड़ी का चेसिस नंबर चुराई हुई गाड़ी पर लगा देता और उसके बाद उस गाड़ी को बेच देता.
बहरहाल दिल्ली पुलिस ने इस गैंग के पास से 51 आलीशान गाड़ियां बरामद की हैं. दिल्ली पुलिस ने गैंग के कुल सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन पुलिस को अब तलाश है उन इंश्योरेंस कंपनियों के कर्मचारियों की जिनकी मिलीभगत से यह पूरा काला कारोबार चलता था.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इनके पास से 51 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं. ऑटो लिफ्टर लग्जरी गाड़ियों पर हाथ साफ करते और उसके बाद उन गाड़ियों में अपनी महबूबा को घुमाया करते. दरहसल ये ऑटोलिफ्टर गैंग बेहद प्रोफेशनल है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक, इस गैंग के हर सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी. एक शख्स गाड़ी चुराता था, दूसरा उसका चेसिस नंबर बदलता था और तीसरा उस गाड़ी का ग्राहक ढूंढकर गाड़ी को ठिकाने लगाता था.
दिल्ली के शाहदरा इलाके में एक एनकाउंटर के दौरान दिल्ली पुलिस ने कालिया नाम का बदमाश पकड़ा और उससे पूछताछ में पता चला कि नवीन और तीरथ दो शख्स हैं, जो गाड़िया चुराते हैं और उसका चेसिस नंबर बदलकर आगे अपने ग्राहक को बेच देते हैं. इसके बाद पुलिस ने तीरथ और नवीन को सर्विलांस की बिना पर गिरफ्तार किया लेकिन जब उनसे पूछताछ की गई तो पता चला कि ये गैंग और भी बड़ा है.
तीरथ और नवीन ने खुलासा किया कि संभल का रहने वाला सारिक इस गैंग का मास्टरमाइंड है जो बड़ी तादाद में चोरी की गाड़ियां बेचता खरीदता है. इसके बाद पुलिस ने संभल और दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी की और आखिरकार सारिक दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से पुलिस के हत्थे चढ़ गया.
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सारिक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने कई खुलासे किए. उसने यह बताया कि तीन और साथी गाड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं जिसके बाद पुलिस ने एक-एक कर उन तीनों को गिरफ्तार कर लिया. दरअसल यह गैंग पहले गाड़ियों को अपने तरीके से चुराया करता था और उसके बाद उसी मॉडल की एक स्क्रैप गाड़ी कागजात के साथ इंश्योरेंस कंपनियों से खरीद लेता. उसके बाद उस स्क्रैप गाड़ी का चेसिस नंबर चुराई हुई गाड़ी पर लगा देता और उसके बाद उस गाड़ी को बेच देता.
बहरहाल दिल्ली पुलिस ने इस गैंग के पास से 51 आलीशान गाड़ियां बरामद की हैं. दिल्ली पुलिस ने गैंग के कुल सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन पुलिस को अब तलाश है उन इंश्योरेंस कंपनियों के कर्मचारियों की जिनकी मिलीभगत से यह पूरा काला कारोबार चलता था.
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